कोरोना – ये वाइरस क्या है और केसा है इसके बारे में हम आपको सब कुछ बताने वाले है

दोस्तों कोरोना वायरस जिसकी वजह से आज सारी दुनिया में हाहाकर मची हुई है ये वाइरस क्या है और केसा है इसके बारे में हम आपको सब कुछ बताने वाले है ईससे पहले की हम इस आर्टिकल को शुरू करे हम आपको बता दे कि इस आर्टीकलमें बताई जाने वाली सारी जानकारी हमने सारी दुनिया के जानेमाने डॉक्टर्स के इंटरव्यूज को देखकर इकट्ठा की है और उन इंटरव्यूज का पुरा निचोड़ आपको इस आर्टीकल में मिलेगा

2019 में चाइनीस अधिकारियों ने दुनिया के सामने एक खबर दी और कहा कि एक वायरस है जो उनके यहां फैल रहा है उन्होंने कहा कि उनके यहां लोगों में यह वायरस तेजी से फैल रहा है उसी महीने के बीत जाने के बाद हालात ये हैं कि आज पूरी दुनिया में इस वायरस की वजह से सब लोग अपने-अपने घरों में कैद है यह वायरस दुनिया के हर देश में कुछ ही दिनों में दोगुने फेल जाते है इसकी मार झेल रहे देशों में अभी के समय अमेरिका , इटली , स्पेन और जर्मनी सबसे आगे है हम उम्मीद करते हैं कि भारत में यह उस पैमाने पर नहीं बढ़ेगा

image source

इस वायरस का मेडिकल नाम है नोवेल कोरोना वायरस है और आज हम इस वायरस को आम भाषा में कोविड-19 के नाम से भी जानते हैं तो आज मैं आपको बताऊंगा कि यह वायरस इंसान में जाने के बाद उसके साथ क्या करता है और हमें इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए

यह वायरस प्रोटीन से बना होता है इस वायरस में प्रोटीन की दीवार बनी होती है और उसी के अंदर सारा सामान पड़ा होता है आप शायद विश्वास ना करें लेकिन कोई भी वायरस ना तो जिंदा होता है और ना ही वह मरा हुआ होता है वो तो हमेशा जिंदा और मरे रहने की बीच वाली अवस्था में रहता है वाइरस अपने आपको जब चाहे बढ़ा सकता है जब वह किसी जीवित व्यक्ति में घुस जाए तो ये बहुत परेशानी वाली बात हो होती है

लेकिन अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि यह वाइरस खुले में या फिर किसी निर्जीव वस्तु पर कितनी देर तक जिंदा रह पाएगा इसके फैलने का तरीका एक ही है किसी ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आना और उसके शरीर से निकले कणों को अपने शरीर में ग्रहण करना जैसे कि अगर किसी ने आप के सामने खासा या छीका और उसके मुंह से निकले कण आपके शरीर में घुस जाए तो समझ लीजिये की आपके अंदर यह वायरस आ चुका है और यहीं से इस वायरस की एक लंबी यात्रा शुरू होती है इस वायरस का मुख्य शिकार होता है व्यक्ति के फेफड़े जहा यह वायरस अपना भयंकर रूप दिखा सकता है

image source

आप विश्वास ना करें लेकिन सिर्फ दो-तीन कोरोनावायरस की मात्रा ही शरीर को पूरा भरने के लिए काफी है आपको पता होगा कि हमारे फेफड़े एपिथेलियल सेल्स यानी कि उपकला कोशिकाओं से बने होते हैं इन्हें हमारे शरीर की बॉर्डर सेल्स भी कहा जाता है लेकिन बदकिस्मती से यही सेल्स हमेशा किसी भी वायरस को ग्रहण करने के लिए उत्सुक रहते है अब बात करते हैं कोरोना वायरस की शक्ल की यह वायरस गोले जैसा होता है और उसके चारों ओर रिसेप्टर्स यानी काटे जैसी कोशिकाए खडी होती हैं और यही कोशिका के किसी भी इंसानी सेल्स को पकड़ सकती है और पकडने के बाद यह वायरस प्रोटीन और जेनेटिक मेटेरियल को सेल्स में छोड़ देता है

अब हमारे शरीर की कोशिकाओ को कुछ नहीं पता की यह क्या चल रहा है वह बस अपना काम कर रही होती है कमाल की बात यह है कि हमें यह महसूस भी नहीं होता कि हमारे शरीर में ऐसा कुछ चल रहा है फेफड़ों में भरने के बाद कोरोना पूरे शरीर को अपने काबू में करने को तैयार रहता है जी हां वह सीधा इम्यून सिस्टम पर हमला करता हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता जहां पहले हमें बचाने का काम कर रही होती है वहीं अब हमारी जान की दुश्मन बन जाती है क्योंकि जैसे ही उनसे लड़ने के लिए श्वेत कण फेफड़ो में जाते है तो यह वायरस उनको अपना शिकार बना देता है जिस वजह से शरीर में कंफ्यूजन पैदा हो जाती है

आप सब लोग सोच रहे होते है कि यह सेल्स दूसरे से कैसे बात करते है क्योंकि उसके पास ना कोई कान है ना कोई आंखें तो यह सेल्स आपस में बात कैसे करती हैं तो इसका जवाब हमे मिला साइटोकींस के रूप में यह एक तरह के रसायन होते हैं जो 1 सेल से दूसरे सेल में जाकर संदेश पहुंचा सकते हैं यह माना जाता है कि शरीर में होने वाली हर हलचल उनके द्वारा संभाली जाती है

कोरोना वाइरस पहले भेजे गये श्वेत कणों को मार कर खत्म कर देता है और इंतजार करता है और श्वेत कणों के आने का लड़ाई का बदला लेने के लिए एक और प्रकार के सुरक्षात्मक कण सामने आते हैं जो कि किसी भी वायरस को मारने में देर नहीं लगती और चाहे वह वायरस हमारी सेल में ही क्यो न हो तो जैसे ही यह फेफड़ों में पहुंचते हैं तुरंत ऐसे एंजाइम्स निकालती हैं जिससे इनके कुछ दुश्मन और दोस्त तक मारे जाते हैं लेकिन कोरोना वाइरस उसे इस हद तक कंफ्यूज कर देता है कि वह अपने आपको मारने लगता है खुद इसीलिए जितनी शक्तिशाली इंसान की रोग प्रतिकारक शक्ति होगी उतना ही ज्यादा शरीर को नुकसान होगा

यह वाइरस इतना भयानक होता है की वो अगर इंसान में से निकल ही क्यों ना जाए लेकिन उनके शरीर में ऐसी चोट लगती है जो पूरी उम्र उनको महसूस होगी

अच्छी बात यह है कि इसमें कई इंसान नई रोग प्रतिकारक शक्ति कोरोना वाइरस पर काबू पा लेती है और शरीर को स्वस्थ बना देते है इसके बाद शरीर ठीक होना भी शुरू हो जाता है सबसे भयानक बात यह है कि बहुत से लोग इस दुनिया में ऐसे हैं जिनको अभी तक पता ही नहीं है कि उनके शरीर में वायरस मौजूद है या नही वो लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं और ऐसे ही चलते फिरते हैं

image source

अभी तक दुनिया में 30 लाख से ज्यादा केस सामने आए मैंने यह कहा की सिर्फ सामने आए है लेकिन अभी सच में कितने लोगों को यह वायरस अपना शिकार बना चुका है इसके बारे में कुछ नहीं पता बहुत से लोग पूछते है कि इस वाइरस से होता क्या है तो होता यह है कि इंसान को सांस लेने में दिक्कत होती है और उसे उठाकर वेंटिलेटर पर रख दिया जाता है

यह माना जाता है कि कोरोना फ्लू से बहुत ज्यादा खतरनाक है क्योंकि एक समय बर्ड फ्लू से जितने मरीज फैल सकते हैं उतने ही समय में कोरोना एक महामारी बन कर सामने आया है अब बात करते हैं एक महामारी की और यह कैसे फैलती है इसके दो तरीके हैं एक तेज और एक धीरे-धीरे अब कोई बीमारी कैसे फैलेगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमने उस बीमारी के शुरुआती दिनों में कैसा ध्यान दिया है ज्यादा तेजी से फैलने वाली बीमारी के परिणाम भयानक होंगे लेकिन धीरे धीरे फैलने वाली बीमारी कभी किसी किताब में याद नहीं की जाती तेज फैलने वाली बीमारी को रोकना नामुमकिन हो जाता है क्योंकि इसमें पर बहुत से लोग इससे ग्रस्त हो जाते हैं इतने लोग की पूरी दुनिया की स्वास्थ्य सेवा चरमरा जाएगी यह इतनी जल्दी फेल सकती है कि किसी देशों के पास इतने साधन भी नहीं हो सकते जिससे लोगों को बचाया जा सके कुछ लोग तो हॉस्पिटल जाने से पहले ही दम तोड़ देंगे और इसकी चपेट में आ जाए तो हालात और ज्यादा बुरे हो सकते हैं तो तेजी से फैल रही महामारी को हम कैसे कंट्रोल कर सकते हैं

एक बीमारी को फैलाने की डोर हम सभी के हाथों में होती हैं हम अपनी जिम्मेदारी दिखाकर इसे नियंत्रित कर सकते हैं खासतौर पर शुरुआती दिनों में अब क्योंकि हमारे पास कोरोनावायरस की वेक्सीन या दवाई नहीं है तो हमें हमारे व्यवहार से ही इसे ठीक करना होगा इसके दो तरीके हैं पहले तो खुद का इतना ध्यान रखो कि आप उससे ग्रस्त ही ना हो और दूसरा तरीका यह है कि अगर आप उसे ग्रस्त हो जाए तो कम से कम किसी और को इससे ग्रस्त ना होने दें सबसे पहला काम आप अपने हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं क्योंकि आपके हाथों पर लगे वायरस के कणों को साबुन आपके शरीर से उठाकर बाहर फेंक सकता है दूसरा काम आपको खुद को औरों से बहुत दूर रखना है मतलब किसी को गले नहीं लगाना ना ही किसी से हाथ मिलाना और जो लोग घरों में बंद हैं तो कुछ समय के लिए वह बाहर ना जाए क्योंकि ध्यान रहै बाहर घूम रहे किसी भी इंसान को यह वायरस हो सकता है इसका हल निकालने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को कोरेंटिन किया जाता है मतलब लोग घर से बाहर नही जा सकते हैं और ना ही कोई और उनके घर में आ सकता है