सफाई के दौरान दंपति ने 14 लाख नकद फेंक दिए, फिर क्या हुआ…

सफाई के दौरान दंपति ने 14 लाख नकद फेंक दिए, फिर क्या हुआ…

घर की सफाई करते समय, हम आमतौर पर बेकार चीजों को फेंक देते हैं या फिर उन्हें किसी ओर को दे देते हैं। अक्सर हमसे होने वाली गलतियाँ हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं। क्योंकि ज्यादातर समय, हम जरूरत की चीजों को उसी में छुपाकर रखते है जो चीजे काम की नहीं होती। इसके कारण कई बार मुश्किल हालात खड़े हो जाते है, एसे वक्त में काम की चीजे भी हम फेंक देते है। लेकिन इसका पछतावा तब होता है जब यह त्रुटि हमारे ख्याल में आती है। ऐसी ही एक घटना सामने आई है।

कुछ समय पहले की बात है, एक जोड़े ने घर की सफाई करते वक्त एक पुराने गहने के डिब्बे को कचरे में फेंक दिया था। इस ज्वेलरी बॉक्स में शादी और सगाई की हीरे की अंगूठी रखी थी। बाद में बॉक्स तो जैसे तेसे मिल ही गया, लेकिन उसे खोजने के लिए कचरे के ढेर में तलाश करनी पड़ी थी। इसी तरह का एक मामला हाल ही में लंदन से सामने आया था, जहां एक दंपति ने अपने घर की सफाई के दौरान 14 लाख रुपये को कचरे के साथ फेंक दिया।

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एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड के बर्नहेम ओन सी के एक जोड़े ने अपने रिश्तेदारों की मौत के बाद घर को साफ करने का फैसला किया। सफाई के दौरान, उन्होंने पुराने डिब्बो को कूड़ेदान में फेंक दिया। डिब्बे को फिर मिडोमीटर नार्टम रिसाइकलिंग सेंटर को भेज दिया दिया गया। जहां पर एक कर्मचारी ने बॉक्स का निरीक्षण किया तो वह आश्चर्य से भर गया। कर्मचारी को बॉक्स में 15 हजार पाउंड यानी की अनुमानित 15 लाख रुपये मिले।

उस कूड़ेदान रिसायकल केंद्र का स्टाफ ईमानदार था इसलिए उसने तुरंत सोमरसेट पुलिस को मामले की सूचना दी। केंद्र के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की जांच में उस जोड़े की कार का नंबर मिल गया, जिसने उसे कूड़ेदान में फेंका था. फिर पुलिस अपनी जांच के जरिए उस दंपति के घर पहुंची। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की, तो दंपति ने कहा कि पैसे एक रिश्तेदार के थे, जिन्हें एक बॉक्स में पैसे इकट्ठा करने की आदत थी। दंपति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से संतुष्ट होने के बाद पुलिस अधिकारीओ द्वारा उस दंपति को वो पैसे लौटा दीए गए।

दंपति को पैसे सौंपने के बाद पुलिस ने रीसाइक्लिंग सेंटर के कर्मचारी की ईमानदारी की भी प्रशंसा की। इसकी जानकारी जब पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट के जरिए दी। पुलिस ने यह भी कहा कि यह कार्य केवल कर्मचारी की ईमानदारी के कारण संभव था, अन्यथा कर्मचारी की ईमानदारी के बिना किसी को भी डिब्बे में छिपे धन के बारे में नहीं पता होता।