5 लोगो की हत्या, सिर्फ पति बच गया जिंदा जानिए क्या है पूरा मामला।

5 लोगो की हत्या, सिर्फ पति बच गया जिंदा

एटा : उत्तरप्रदेश के एटा में पुलिस अफसरों ने सिर्फ एक ही दिन में हत्या का मामला सुलझा लेने का दवा किया है. पुलिस के कहे अनुसार एटा में पांच लोगो की हत्या हुई थी, पति ने की फरियाद में उन्होंने कहां की किसी बाहरी आदमी ने इन की हत्या की है. लेकिन एक दिन में केस सुलझा लेने वाली पुलिस के मुताबिक किसी बाहरी आदमी ने नही लेकिन हत्या घर की ही बहू दिव्या ने की है

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पुलिस के मुताबिक दिव्या ने पहले अपने ससुर, अपनी बहन, और अपने दो बच्चों को मारा डाला और फिर खुदने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली. लेकिन आपको बता दे की दिव्या के पति दिवाकर ने पुलिस द्वारा किए गए इस खुलासे को सिरे से नाकार दिया है. दिवाकर ने कहा कि दिव्या कभी परिवार के साथ ऐसा कर ही नहीं सकती. किसी न किसी तरह से पांचों की हत्या हुई है. हो सकता है किसी ने पुरे परिवार को खत्म करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया हो.

दिव्या के पति दिवाकर पचौरी ने इस मामले में सिबिआइ जाँच को आवश्यक कहा है. लेकिन एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है की परिवार के अन्य चार लोगो की हत्या दिव्या पचौरी ने ही की और फिर खुद आत्महत्या कर ली. दिवाकर पिछले बारह साल से रूडकी की एक दवाइ कंपनी में काम करते है. सुबह शाम रोज फोन पर उनकी परिवार के साथ बातें होती है. लोकडाउन से पहले ही वह अपने घर आया था. शुक्रवार की शाम को तकरीबन आठ बजे जब दिवाकर ने घर पर फोन किया तब पिता राजेश्वर प्रसाद से उनकी बात हुई थी. वही उनके भाई कलेकट्रेट बार एसोसियसन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी के घर पर गए थे. वह करीबन साढ़े सात बजे उनके घर से आए थे. उस वक्त तक घर महौल अच्छा खासा था. घर में हुई 5 मौत के बाद अब सिर्फ मृत रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी राजेश्वरजी के इकलौते बेटे दिवाकर कुमार पचौरी ही बचे है. वे रूडकी में जॉब करते है. पूरे परिवार को खोने के बाद उनकी स्थिति भी किसी से देखि नहीं जा रही है. उनकी स्थिति दयनीय है, कभी वे अचानक से दो बच्चो का नाम लेकर रोने बिलखने लगते है तो कभी शांत हो जाते है. आसपास के लोग नम आँखों से उन्हें ढांढ़स बांधने के प्रयत्न में लगे थे.

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पूरा मामला आखिर क्या है

एटा में एक ही परिवार के 5 लोगों की एक साथ हुई मौत से कोहराम मच गया. कोतवाली नगर के मोहल्ला शृंगार नगर में रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी राजेश्वर प्रसाद पचौरी (आयु. 75) और पुत्र रामप्रसाद पचौरी रहते थे. उनकी पुत्रवधू दिव्या (आयु 35) दिवाकर की पत्नी, नाती आरुष (आयु. 8) आरव (आयु. 1) रहते थे. कुछ दिन पहले बेटे की साली बुलबुल सोनई की निवासी (आयु. 23), हाथरस भी आई थी. शनिवार की सुबह दूध देने के लिए एक महिला आई थी. महिला ने जब गेट खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई. उसने अंदर झांककर देखा तो गेट के पास ही चारपाई पर दिव्या की लाश पड़ी दिखाई दी. यह देखकर उसकी चीख निकल गई. इस मामले की जानकारी आसपास के लोगों को भी दी गई देखते ही देखते पूरा मोहल्ला वहां जमा हो गया. लेकिन अंदर से ताला बंद होने के कारण कुछ भी पता नहीं चल सका. किसी ने उसी वक्त पुलिस को इतला किया होगा ओर सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई. तब तक परिवार के अन्य लोग भी वहां पहुंच गए थे. पुलिस ने गैस कटर से गेट को काटकर अंदर जाकर देखा तो परिवार के सभी लोग मृत पड़े थे. यह हाल देख पुरे मोहल्ले में कोहराम मच गया