10 सरल और प्रभावी प्रयोग, जिनका पालन करके सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीया जा सकता है।

10 सरल और प्रभावी प्रयोग, जिनका पालन करके सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीया जा सकता है।

वास्तु शास्त्र में ऐसे नियम समाहित किया गया हैं जिनके द्वारा घर में रहने वाले लोग शांतिपूर्ण जीवन बसर कर सकते हैं। यह नियम इस तरह से है की वे हर आवास पर लागू होते है। यहां 10 सरल और प्रभावी प्रयोग हैं जिनका पालन करने से सुखी, स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीया जा सकता है।

सरल वास्तु टिप्स

1. घर में नियमित रूप से भगवान की पूजा करनी चाहिए। पूजा हमेशा पूर्व की ओर मुख करके करनी चाहिए। यदि पूर्व की ओर मुंह करके पूजा करना संभव नहीं है, तो व्यक्ति को उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। इसके अलावा सुबह और शाम घर में घी का दीपक अवश्य करना चाहिए।

2. शाम के समय घर के हर कमरे में रोशनी की आवश्यकता होती है। थोड़ी देर बाद भले ही आप लाइट बंद कर दें लेकिन सूर्यास्त के समय घर को रोशन करना सुनिश्चित करें।

3. घर में सुबह और शाम को धुप जलाना चाहिए। धूप में एक चुटकी चावल और घी डालें। यह नियम जिस घर में दैनिक रूप से पालन किया जाता है, वहा मिर्गी का कोई कारण नहीं बनता है।

4. अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य रखना चाहिए। सुबह तुलसी में नियमित रूप से जल चढ़ाए और शाम को घी का दीपक जलाएं। विवाहित जीवन इस से हमेशा खुश रहेंगा।

5. घर में पकने वाले भोजन में से पहली रोटी और दूसरी चीजें महिलाओं को गाय के लिए निकालनी चाहिए और उन्हें अपने हाथों से खिलाना भी चाहिए।

6. घर में किसी भी तरह की तूटी हुई या क्षतिग्रस्त वस्तु न रखें। ऐसी चीजें मानसिक चिंता को बढ़ाती हैं और गरीबी को भी बढ़ाती हैं।

7. झाड़ू को कभी भी सीधा (खड़ा) न रखें। इसके अलावा, इसे किसी ऐसी जगह पर भी न रखें जहां पर किसी का पैर पड़े। ऐसा करने से घर में कलह बढ़ता है।

8. घर के पूर्वोत्तर कोने को हमेशा साफ रखें। इस कोने में मंदिर अवश्य बनाया जाना चाहिए। लेकिन अगर तैयार घर में मंदिर को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है, तो गंगा के पानी से भरे पात्र को इस कोने में रखा जा सकता है।

9. घर के मंदिर में एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्ति नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा घर में गणपति जी की तीन मूर्तियों भी नहीं रखनी चाहिए।

10. घर में कांटेदार पौधे न उगायें। ऐसे पौधों से अशांति का वातावरण बढ़ता है।